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UPSC Prelims 2025 Geography Questions Answers and Explanation in Hindi

UPSC Prelims Geography Questions 2025

यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा भूगोल प्रश्न 2025: विश्लेषण, उत्तर और व्याख्या

भूगोल , यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (जीएस पेपर I) का एक उच्च-स्तरीय और वैचारिक रूप से महत्वपूर्ण खंड बना हुआ है। 2025 की परीक्षा में इस विषय का संतुलित प्रतिनिधित्व बरकरार रखा गया, जिसमें भौतिक भूगोल , भारतीय भूगोल और पर्यावरण अध्ययन व समसामयिक विषयों के साथ मिश्रित प्रश्न शामिल थे । यह विश्लेषण 2025 के पेपर के प्रमुख प्रश्नों का विश्लेषण करता है और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण मूलभूत अवधारणाओं और समकालीन संबंधों को समझने में उम्मीदवारों की सहायता के लिए विस्तृत व्याख्या प्रदान करता है।


प्र. 1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (Topic : ATMOSPHERIC CIRCULATION AND WEATHER SYSTEMS)

कथन I: जनवरी में, उत्तरी गोलार्ध में, समताप रेखाएँ (isotherms) भूभागों को पार करते समय विषुवत रेखा की ओर (equatorward) मुड़ जाती हैं, और महासागरों को पार करते समय ध्रुवों की ओर (poleward) मुड़ जाती हैं।

कथन II: जनवरी में, उत्तरी गोलार्ध में महासागरों के ऊपर की वायु भूभागों के ऊपर की वायु की तुलना में अधिक गर्म होती है।

उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?

[A] कथन I और कथन II दोनों सही हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या करता है

[B] कथन I और कथन II दोनों सही हैं परन्तु कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं करता है

[C] कथन I सही है परन्तु कथन II सही नहीं है

[D] कथन I सही नहीं है परन्तु कथन II सही है

उत्तर: [A]

व्याख्या (Hindi)

  • कथन I सही है।
  1. जनवरी (सर्दियों) में उत्तरी गोलार्ध में, बड़े भूभाग जल्दी और काफी ठंडे हो जाते हैं, जिससे वे समान अक्षांश पर महासागरों की तुलना में अधिक ठंडे हो जाते हैं। इस कारण समान तापमान की रेखाएँ (समताप रेखाएँ) ठंडे तापमान का अनुसरण करते हुए महाद्वीपों के ऊपर दक्षिण की ओर (विषुवत रेखा की ओर) झुक जाती हैं या मुड़ जाती हैं।

  2. इसके विपरीत, महासागर लंबे समय तक गर्मी बनाए रखते हैं और गर्म होते हैं, जिससे समताप रेखाएँ महासागरों के ऊपर उत्तर की ओर (ध्रुवों की ओर) उभर जाती हैं या मुड़ जाती हैं।
  • कथन II सही है और यह कथन I की व्याख्या करता है।
  1. इस झुकाव का कारण भूमि और जल का अलग-अलग ढंग से गर्म और ठंडा होना है। जल की विशिष्ट ऊष्मा क्षमता (specific heat capacity) भूमि की तुलना में अधिक होती है, जिसका अर्थ है कि इसके तापमान को बदलने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसलिए, सर्दियों के महीनों (जनवरी) के दौरान, महासागर भूभागों की तुलना में बहुत धीरे-धीरे ठंडे होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप महासागरों के ऊपर की वायु भूभागों के ऊपर की वायु की तुलना में काफी अधिक गर्म होती है।

  2. यह तापमान का अंतर (गर्म महासागर, ठंडी भूमि) ही समताप रेखाओं को कथन I में वर्णित तरीके से मुड़ने का कारण बनता है। समताप रेखाएँ गर्म महासागरों के ऊपर ध्रुवों की ओर और ठंडी भूमि के ऊपर विषुवत रेखा की ओर मुड़ जाती हैं।

स्रोत: NCERT-कक्षा 11- भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत- अध्याय 9: सौर विकिरण, ऊष्मा संतुलन और तापमान- पृष्ठ 83


प्र.2. वर्ष 2022-23 के दौरान हल्दी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (Topic : AGRICULTURE)

I. भारत विश्व में हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है।

II. भारत में हल्दी की 30 से अधिक किस्में उगाई जाती हैं।

III. महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु भारत में हल्दी के प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।

उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं?

[A] केवल I और II

[B] केवल II और III

[C] केवल I और III

[D] I, II और III

उत्तर और व्याख्या

उत्तर: D

व्याख्या:

विकल्प D सही उत्तर है। तीनों कथन सही हैं।

  • भारत सरकार ने 2023 में राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड का गठन किया, जिसका उद्देश्य हल्दी किसानों के लिए उत्पादन बढ़ाने, निर्यात को बढ़ावा देने, मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करने और आय में सुधार करने के प्रयासों का समन्वय करना है।
  • कथन I सही है। वर्ष 2022-23 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत अकेले वैश्विक हल्दी उत्पादन के 75% से अधिक का योगदान देता है, जो इसे सबसे बड़ा उत्पादक बनाता है। इसके अलावा, भारत हल्दी का शीर्ष निर्यातक भी है, जो वैश्विक हल्दी व्यापार के 62% से अधिक का योगदान देता है।
  • कथन II सही है। भारत में विविध प्रकार की मिट्टी और जलवायु परिस्थितियाँ विभिन्न राज्यों में हल्दी की 30 से अधिक ज्ञात किस्मों की खेती को सक्षम बनाती हैं। प्रत्येक किस्म करक्यूमिन की मात्रा, सुगंध और रंग जैसे पहलुओं में भिन्न होती है।
  • कथन III सही है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु भारत में हल्दी के शीर्ष उत्पादकों में लगातार शामिल हैं।

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1964083


प्र.3. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

क्षेत्रदेश
I.मैलोर्का (Mallorca)इटली
II.नॉरमैंडी (Normandy)स्पेन
III.सार्डिनिया (Sardinia)फ्रांस

उपर्युक्त में से कितने युग्मों में दी गई जानकारी सही ढंग से सुमेलित है?

विकल्प:

[A] केवल एक

[B] केवल दो

[C] सभी तीनों

[D] कोई नहीं

उत्तर: [D] कोई नहीं

व्याख्या:

  • युग्म I (मैलोर्का - इटली): गलत। मैलोर्का बेलिएरिक द्वीप समूह (Balearic Islands archipelago) का सबसे बड़ा द्वीप है और यह इटली का नहीं, बल्कि स्पेन का हिस्सा है।
  • युग्म II (नॉरमैंडी - स्पेन): गलत। नॉरमैंडी उत्तरी फ्रांस में स्थित एक ऐतिहासिक क्षेत्र है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के डी-डे लैंडिंग के लिए जाना जाता है, यह स्पेन का हिस्सा नहीं है।
  • युग्म III (सार्डिनिया - फ्रांस): गलत। सार्डिनिया भूमध्य सागर का दूसरा सबसे बड़ा द्वीप है और यह फ्रांस का नहीं, बल्कि इटली का एक स्वायत्त क्षेत्र है।

चूँकि तीनों युग्म गलत सुमेलित हैं, इसलिए सही उत्तर कोई नहीं है।

स्रोत:


प्र.4. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

देशसंसाधन - प्रचुरता
I. बोत्सवाना (Botswana)Diamond
II. चिली (Chile)Lithium
III. इंडोनेशिया (Indonesia)
Nickel

उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

[A] केवल एक

[B] केवल दो

[C] सभी तीनों

[D] कोई नहीं

उत्तर: [C]

व्याख्या:

तीनों युग्म सही सुमेलित हैं।

  • युग्म I (बोत्सवाना - हीरा): सही। बोत्सवाना मूल्य के आधार पर हीरे के सबसे बड़े वैश्विक उत्पादकों में से एक है। इस संसाधन की खोज और कुशल प्रबंधन, जो अक्सर डी बीयर्स (De Beers) जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी में किया जाता है, देश की आर्थिक स्थिरता और विकास के लिए केंद्रीय रहा है।
  • युग्म II (चिली - लिथियम): सही। चिली "लिथियम त्रिभुज" (अर्जेंटीना और बोलीविया के साथ) का एक महत्वपूर्ण घटक है और इसके पास दुनिया के सबसे बड़े लिथियम भंडार में से कुछ मौजूद हैं, जो मुख्य रूप से इसके विशाल नमक के मैदानों (उदाहरण के लिए, सलार डी अटाकामा) से निकाले जाते हैं। लिथियम इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक्स की बैटरी के लिए आवश्यक है।
  • युग्म III (इंडोनेशिया - निकेल): सही। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा निकेल उत्पादक है और इसके पास महत्वपूर्ण भंडार हैं। यह संसाधन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं, विशेष रूप से स्टेनलेस स्टील और इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी के लिए महत्वपूर्ण है।

स्रोत:


प्र.5. निम्नलिखित देशों पर विचार करें:

I. यूनाइटेड किंगडम

II. डेनमार्क

III. न्यूज़ीलैंड

IV. ऑस्ट्रेलिया

V. ब्राज़ील

उपरोक्त में से कितने देशों में चार से अधिक समय क्षेत्र (Time Zones) हैं?

[A] सभी पाँच

[B] केवल चार

[C] केवल तीन

[D] केवल दो

उत्तर

[B] केवल चार

स्पष्टीकरण

विकल्प [B] केवल चार सही उत्तर है। चार से अधिक समय क्षेत्र वाले देश हैं: यूनाइटेड किंगडम, डेनमार्क, न्यूज़ीलैंड, और ऑस्ट्रेलिया (चार देश)। ब्राज़ील में केवल चार समय क्षेत्र हैं।

  • I. यूनाइटेड किंगडम (UK): इसके 9 समय क्षेत्र हैं, जिसमें इसके विदेशी क्षेत्र (जैसे, पिटकेर्न द्वीप समूह, ब्रिटिश हिंद महासागर क्षेत्र) शामिल हैं।
  • II. डेनमार्क: मुख्य रूप से ग्रीनलैंड और इसके समय क्षेत्रों को शामिल करने के कारण इसके 5 समय क्षेत्र हैं।
  • III. न्यूज़ीलैंड: इसके मुख्य क्षेत्र और संबंधित द्वीपों (जैसे, कुक द्वीप समूह, चैथम द्वीप समूह, नियू, टोकेलाऊ) को मिलाकर इसके 5 समय क्षेत्र हैं।
  • IV. ऑस्ट्रेलिया: इसके मुख्य भूभाग और बाहरी क्षेत्रों (जैसे, हर्ड और मैकडॉनल्ड द्वीप समूह, क्रिसमस द्वीप, नॉरफ़ॉक द्वीप) को कवर करते हुए इसके 9 समय क्षेत्र हैं।
  • V. ब्राज़ील: इसके 4 समय क्षेत्र हैं। अपने विशाल आकार के कारण, यह चार समय क्षेत्रों (UTC-02:00 से UTC-05:00) तक फैला हुआ है, लेकिन यह चार से अधिक नहीं है।

स्रोत (Sources)


प्र.6. विश्व बैंक ने चेतावनी दी कि भारत उन पहले स्थानों में से एक बन सकता है जहाँ आर्द्र बल्ब तापमान (wet-bulb temperature) नियमित रूप से 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है। उपर्युक्त रिपोर्ट के निहितार्थ को निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सर्वोत्तम रूप से दर्शाता/दर्शाते है/हैं?

I. प्रायद्वीपीय भारत को सबसे अधिक बाढ़, उष्णकटिबंधीय चक्रवात और सूखे का सामना करना पड़ेगा।

II. मनुष्यों सहित जानवरों का अस्तित्व प्रभावित होगा क्योंकि पसीने के माध्यम से उनके शरीर की गर्मी कम करना (body heat through perspiration) मुश्किल हो जाएगा।

नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनें।

[A] केवल I

[B] केवल II

[C] I और II दोनों

[D] न तो I और न ही II

उत्तर: [C] I और II दोनों

व्याख्या

सही विकल्प (C) है, क्योंकि दोनों कथन भारत में बढ़ते आर्द्र बल्ब तापमान (WBT) के निहितार्थों को सटीक रूप से दर्शाते हैं, जो व्यापक जलवायु परिवर्तन प्रभावों से जुड़ा हुआ है।

आर्द्र बल्ब तापमान (Wet-Bulb Temperature) क्या है?

आर्द्र बल्ब तापमान गर्मी के तनाव (heat stress) का एक माप है जो शुष्क हवा के तापमान और आर्द्रता को जोड़ता है। यह सबसे कम तापमान दर्शाता है जिस तक हवा को पानी के वाष्पीकरण द्वारा ठंडा किया जा सकता है।

  • जब WBT $35^\circ \text{C}$ तक पहुँच जाता है, तो यह एक अत्यंत खतरनाक स्थिति को इंगित करता है। इस बिंदु पर, हवा इतनी नमी से भरी होती है कि पसीना त्वचा से प्रभावी ढंग से वाष्पित नहीं हो पाता है।
  • वाष्पीकरणीय शीतलन (पसीना आना) शरीर की गर्मी को बाहर निकालने और आंतरिक तापमान को नियंत्रित करने के लिए मानव शरीर का प्राथमिक तंत्र है। जब यह तंत्र विफल हो जाता है, तो शरीर का मुख्य तापमान तेज़ी से बढ़ता है, जिससे हीटस्ट्रोक और मृत्यु हो सकती है।

कथनों का विश्लेषण

1. कथन I सही है: WBT में वृद्धि ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ती आर्द्रता का परिणाम है। वही अंतर्निहित जलवायु परिवर्तन जल संबंधी चक्र को तेज करता है, जिससे प्रायद्वीपीय भारत जैसे उष्णकटिबंधीय क्षेत्र इन खतरों के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं:

  • मानसूनी परिवर्तनशीलता का तीव्र होना: जिससे अत्यधिक वर्षा और बाढ़ या उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का निर्माण होता है।
  • लंबे समय तक गर्मी: जिससे अपर्याप्त वर्षा की अवधि बढ़ सकती है, जिसके परिणामस्वरूप सूखा पड़ सकता है। WBT पर रिपोर्ट की चेतावनी इन व्यापक, परस्पर जुड़े हुए जलवायु जोखिमों का एक सीधा संकेत है।

2. कथन II सही है: यह $35^\circ \text{C}$ WBT सीमा का मुख्य निहितार्थ है।
  • चूंकि पसीना वाष्पित नहीं हो पाता है, मनुष्य और कई जानवर अब खुद को ठंडा नहीं कर पाते हैं, जिससे स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी जीवित रहना मुश्किल हो जाता है, खासकर जो गर्मी के संपर्क में हैं (उदाहरण के लिए, बाहरी श्रमिक)।

स्रोत (Sources)


प्र.7. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

I. वायुमंडल के बिना, पृथ्वी की सतह पर हर जगह तापमान हिमांक बिंदु (freezing point) से काफी नीचे होगा।

II. वायुमंडल द्वारा अवशोषित और फंसी हुई गर्मी हमारे ग्रह के औसत तापमान को बनाए रखती है।

III. वायुमंडल की गैसें, जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, विकिरण (radiation) को अवशोषित करने और फंसाने में विशेष रूप से अच्छी हैं।

उपरोक्त दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

[A] केवल I और III

[B] केवल I और II

[C] I, II और III

[D] केवल II और III

उत्तर: [D]

व्याख्या

  • कथन I गलत है। वायुमंडल के बिना, आने वाले सौर विकिरण को बिखेरने या अवशोषित करने के लिए कोई गैस या बादल नहीं होंगे। सीधे धूप में (दिन के समय, खासकर भूमध्य रेखा के पास) स्थान अत्यधिक गर्म हो जाएंगे (तापमान 100 Degree Celsius से अधिक हो सकता है), जैसा कि चंद्रमा पर देखा जाता है, जिसमें वायुमंडल नहीं है। हालाँकि, सूर्यास्त के बाद तापमान तेज़ी से गिर जाएगा (अत्यधिक ठंडा हो जाएगा) क्योंकि गर्मी को फंसाने के लिए कोई ग्रीनहाउस प्रभाव नहीं होगा, लेकिन यह कथन दावा करता है कि तापमान हर जगह हिमांक बिंदु से काफी नीचे होगा, जो धूप वाली तरफ के लिए गलत है।
  • कथन II सही है। वायुमंडल, मुख्य रूप से ग्रीनहाउस प्रभाव के माध्यम से, एक प्राकृतिक ऊष्मारोधी (इंसुलेशन) के रूप में कार्य करता है। यह पृथ्वी की सतह से निकलने वाली कुछ गर्मी को अवशोषित और फँसा लेता है, जो गर्मी के अंतरिक्ष में भागने की दर को धीमा कर देता है। यह पृथ्वी के औसत सतह तापमान को लगभग 15 Degree Celsius (59 Degree fahrenheit) पर बनाए रखता है, जिससे ग्रह रहने योग्य बन जाता है।
  • कथन III सही है। ग्रीनहाउस गैसों (GHGs) के रूप में जानी जाने वाली गैसें, जैसे कार्बन डाइऑक्साइड (CO2), जल वाष्प, और मीथेन, पृथ्वी की सतह द्वारा उत्सर्जित दीर्घ तरंग अवरक्त विकिरण को अवशोषित करने और पुनः विकीर्ण करने में विशेष रूप से प्रभावी हैं। विकिरण का यह अवशोषण और फंसाना ग्रीनहाउस प्रभाव का मूलभूत तंत्र है।

स्रोत


प्र.8. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

कथन I: भूमध्यरेखीय और ध्रुवीय क्षेत्रों की तुलना में उपोष्णकटिबंधीय और शीतोष्ण क्षेत्रों में वायुमंडल में धूल के कणों की मात्रा अधिक होती है।

कथन II: उपोष्णकटिबंधीय और शीतोष्ण क्षेत्रों में शुष्क हवाएँ कम चलती हैं।

उपरोक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

[A] कथन I और कथन II दोनों सही हैं तथा कथन II, कथन I की सही व्याख्या करता है

[B] कथन I और कथन II दोनों सही हैं लेकिन कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं करता है

[C] कथन I सही है लेकिन कथन II सही नहीं है

[D] कथन I सही नहीं है लेकिन कथन II सही है

उत्तर: [C] कथन I सही है लेकिन कथन II सही नहीं है

व्याख्या:

  • कथन I सही है: धूल के कण वास्तव में उपोष्णकटिबंधीय और शीतोष्ण क्षेत्रों में अधिक केंद्रित होते हैं। इन क्षेत्रों में अक्सर प्रमुख रेगिस्तान (जैसे सहारा, थार और अरब रेगिस्तान) पाए जाते हैं, जहाँ वनस्पति की कमी और तेज, शुष्क हवाओं की उपस्थिति से धूल आसानी से वातावरण में ऊपर उठ जाती है। भूमध्यरेखीय क्षेत्र आर्द्र (humid) और घनी वनस्पति वाले होते हैं, जो वर्षा और पौधों के आवरण से धूल को कम करते हैं। ध्रुवीय क्षेत्र ठंडे और बर्फ से ढके होते हैं, जिससे धूल का उत्पादन सीमित हो जाता है।
  • कथन II सही नहीं है: उपोष्णकटिबंधीय और शीतोष्ण क्षेत्रों, विशेष रूप से उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब पेटियों (subtropical high-pressure belts), की विशेषता अधिक (कम नहीं) शुष्क हवाएँ हैं। हवा के ये शुष्क, अवरोही द्रव्यमान शुष्क (desert) और अर्ध-शुष्क जलवायु का निर्माण करते हैं। इन शुष्क हवाओं का प्रचलन ही कारण है कि कथन I सही है। चूँकि कथन II तथ्यात्मक रूप से गलत है, इसलिए यह कथन I की व्याख्या नहीं कर सकता।

स्रोत: 


प्र.9. निम्नलिखित जल निकायों पर विचार करें:

I. तंगानिका झील (Lake Tanganyika)

II. टोनले सैप झील (Lake Tonle Sap)

III. पैटोस लैगून (Patos Lagoon)

इनमें से होकर भूमध्य रेखा (Equator) कितने से गुजरती है?

[A] केवल एक
[B] केवल दो
[C] सभी तीनों
[D] कोई नहीं

उत्तर: [D] कोई नहीं

व्याख्या:

भूमध्य रेखा इन तीनों जल निकायों में से किसी से होकर नहीं गुजरती है।

  • I. तंगानिका झील: यह मध्य अफ्रीका में स्थित है और पूरी तरह से भूमध्य रेखा के दक्षिण में है।
  • II. टोनले सैप झील: यह कंबोडिया की एक झील है, जो लगभग 13 degree उत्तरी अक्षांश पर स्थित है (भूमध्य रेखा के उत्तर में)।
  • III. पैटोस लैगून: यह दक्षिणी ब्राजील में एक तटीय लैगून है, जो लगभग 30 degree दक्षिणी अक्षांश पर स्थित है (भूमध्य रेखा के दक्षिण में)।

इसलिए, भूमध्य रेखा इनमें से किसी से होकर नहीं गुजरती है।

स्रोत:


प्र.10. निम्नलिखित देशों पर विचार करें:

I. बोलीविया

II. ब्राजील

III. कोलंबिया

IV. इक्वाडोर

V. पैराग्वे

VI. वेनेजुएला

उपरोक्त में से कितने देशों से एंडीज पर्वत श्रंखला गुजरती है?

उत्तर: [C] केवल चार

व्याख्या:

एंडीज पर्वत श्रंखला दुनिया की सबसे लंबी महाद्वीपीय पर्वत श्रृंखला है, जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी किनारे के साथ-साथ चलती है।

एंडीज पर्वत निम्नलिखित सात दक्षिण अमेरिकी देशों से होकर गुजरते हैं:

  1. वेनेजुएला (VI) $
  2. कोलंबिया (III) - $
  3. इक्वाडोर (IV) - $
  4. पेरू
  5. बोलीविया (I) - $
  6. चिली
  7. अर्जेंटीना

प्रश्न में सूचीबद्ध देशों में से:

  • बोलीविया, कोलंबिया, इक्वाडोर और वेनेजुएला से एंडीज गुजरते हैं (4 देश)।
  • ब्राजील (II) में एंडीज पर्वत नहीं हैं; यह पूर्व में स्थित है।
  • पैराग्वे (V) से एंडीज नहीं गुजरते हैं; यह पूर्व में स्थित है।

इसलिए, एंडीज सूचीबद्ध देशों में से चार से होकर गुजरते हैं।

स्रोत: https://www.worldatlas.com/continents/south-america.html


प्र.11. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

I. साइबेरिया में अनादिर (Anadyr) और अलास्का में नोम (Nome) एक-दूसरे से कुछ किलोमीटर की दूरी पर हैं, लेकिन जब इन शहरों में लोग जाग रहे होते हैं और नाश्ते की तैयारी कर रहे होते हैं, तो दिन अलग-अलग होगा।

II. जब अनादिर में सोमवार होता है, तो नोम में मंगलवार होता है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

[A] केवल I

[B] केवल II

[C] I और II दोनों

[D] न तो I और न ही II

उत्तर: [A] केवल I

Explanation:) विकल्प A सही उत्तर है।

अनादिर रूस के सुदूर पूर्वी भाग में, चुकोटका क्षेत्र में स्थित एक शहर है, और नोम पश्चिमी अलास्का, संयुक्त राज्य अमेरिका का एक शहर है। हालाँकि वे भौगोलिक रूप से करीब हैं - केवल बेरिंग जलडमरूमध्य द्वारा अलग किए गए हैं - वे अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (IDL) के विपरीत दिशाओं में स्थित हैं। IDL लगभग $180^\circ$ देशांतर पर एक काल्पनिक रेखा है, जिसे पार करने पर कैलेंडर की तारीख एक दिन बदल जाती है।

कथन I सही है। रूस में अनादिर और अलास्का में नोम भौगोलिक रूप से करीब हैं और केवल बेरिंग जलडमरूमध्य से अलग हैं। हालाँकि, वे अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (IDL) के विपरीत दिशाओं में स्थित हैं। इसका मतलब यह है कि हालाँकि समय एक ही हो सकता है, जैसे कि दोनों जगहों पर सुबह 8:00 बजे, लेकिन कैलेंडर की तारीख अलग होगी। उदाहरण के लिए, यदि अनादिर में सोमवार की सुबह है, तो नोम में अभी भी रविवार की सुबह होगी। IDL के कारण इन दोनों स्थानों के बीच कम दूरी होने के बावजूद भी एक दिन का अंतर होता है।

कथन II गलत है। जब अनादिर में सोमवार होता है, तो नोम में मंगलवार नहीं हो सकता। वास्तव में, यह उल्टा है। नोम अनादिर से एक दिन पीछे चलता है। इसलिए यदि अनादिर में सोमवार है, तो नोम में अभी भी रविवार है। अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा पश्चिम की ओर यात्रा करने पर एक दिन जोड़ती है, और पूर्व की ओर यात्रा करने पर एक दिन घटाती है - जिसके कारण रूस (IDL के पश्चिम में) संयुक्त राज्य अमेरिका (IDL के पूर्व में) से एक दिन आगे रहता है।

Source:


प्र.12. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

कथन I: वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि पृथ्वी के घूर्णन (Rotation) और अक्ष (Axis) में बदलाव हो रहा है।

कथन II: सौर ज्वालाएँ (Solar flares) और संबंधित कोरोनल मास इजेक्शन (CMEs) पृथ्वी के बाहरी वायुमंडल पर अत्यधिक मात्रा में ऊर्जा की बौछार करते हैं।

कथन III: जैसे-जैसे पृथ्वी की ध्रुवीय बर्फ पिघलती है, पानी भूमध्य रेखा की ओर जाने लगता है।

उपरोक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?

[A] कथन II और कथन III दोनों सही हैं और दोनों कथन I की व्याख्या करते हैं।

[B] कथन II और कथन III दोनों सही हैं, लेकिन उनमें से केवल एक ही कथन I की व्याख्या करता है।

[C] कथन II और III में से केवल एक ही सही है और वह कथन I की व्याख्या करता है।

[D] न तो कथन II और न ही कथन III सही है।

उत्तर: [B]

Explanation:

  • कथन I सही है: वैज्ञानिक अध्ययन पुष्टि करते हैं कि पृथ्वी के घूर्णन और उसके अक्ष में बदलाव हो रहे हैं। ये बदलाव मुख्य रूप से जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियों से होने वाले द्रव्यमान (Mass) के पुनर्वितरण से प्रभावित होते हैं।
  • कथन II सही है: सौर ज्वालाएँ और कोरोनल मास इजेक्शन (CMEs) सूर्य से निकलने वाली ऊर्जा के शक्तिशाली विस्फोट होते हैं, जो पृथ्वी के वायुमंडल तक पहुँचते हैं। हालांकि, यह ऊर्जा पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) द्वारा काफी हद तक वापस अंतरिक्ष में परावर्तित हो जाती है और यह ऊर्जा विस्फोट पृथ्वी के घूर्णन या अक्ष में बदलाव में योगदान नहीं करते हैं।
  • कथन III सही है: जब ध्रुवीय बर्फ और ग्लेशियर पिघलते हैं, तो पानी ग्रह पर पुनर्वितरित होता है और पृथ्वी के घूर्णन से उत्पन्न अपकेन्द्रीय बल (Centrifugal force) के कारण भूमध्य रेखा की ओर जाने लगता है। द्रव्यमान के इस पुनर्वितरण का पृथ्वी की जड़ता (Inertia) और संतुलन पर मापने योग्य प्रभाव पड़ता है, जिससे घूर्णन अक्ष में बदलाव आ सकता है। यह प्रक्रिया वैसी ही है जैसे किसी घूमते हुए लट्टू (Spinning Top) का आंतरिक वजन बदल जाने पर उसकी दिशा बदल जाती है।

Conclusion:

कथन II और कथन III दोनों सही हैं, लेकिन केवल कथन III (द्रव्यमान के पुनर्वितरण से अक्ष में बदलाव) ही कथन I की व्याख्या करता है।

इसलिए, सही उत्तर [B] है।

Sources:


प्र.13. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

कथन I: चट्टानों पर जल के प्रभाव के संदर्भ में, खड़िया (Chalk) को बहुत पारगम्य चट्टान के रूप में जाना जाता है, जबकि मिट्टी (Clay) को काफी अभेद्य या सबसे कम पारगम्य चट्टान के रूप में जाना जाता है।

कथन II: खड़िया सरंध्र (porous) होती है और इसलिए पानी को अवशोषित कर सकती है।

कथन III: मिट्टी बिल्कुल भी सरंध्र नहीं होती है।

उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

[A] कथन II और कथन III दोनों सही हैं और दोनों कथन I की व्याख्या करते हैं।

[B] कथन II और कथन III दोनों सही हैं, लेकिन उनमें से केवल एक ही कथन I की व्याख्या करता है।

[C] कथन II और III में से केवल एक ही सही है और वह कथन I की व्याख्या करता है।

[D] न तो कथन II और न ही कथन III सही है।

उत्तर: [C]

व्याख्या (Explanation)

  • कथन I: सही है।

खड़िया (Chalk) एक नरम चूना पत्थर है जिसमें बड़े, आपस में जुड़े हुए छिद्र (pores) होते हैं। ये छिद्र पानी को आसानी से गुजरने देते हैं, इसलिए खड़िया एक उच्च पारगम्य (highly permeable) चट्टान है।

मिट्टी (Clay) बहुत महीन कणों से बनी होती है जो कसकर एक साथ बंधे होते हैं, जिसके कारण इसमें अत्यंत छोटे छिद्र होते हैं। पानी इन छोटे छिद्रों से बहुत धीमी गति से गुजरता है, जिससे मिट्टी कम पारगम्य (least permeable) हो जाती है।

  • कथन II: सही है।

खड़िया की संरचना में बहुत सारे छोटे-छोटे छेद या रिक्त स्थान होते हैं, यानी यह अत्यधिक सरंध्र (highly porous) है।
सरंध्रता के कारण, खड़िया पानी को अवशोषित (absorb water) और रोक सकती है। खड़िया की यह सरंध्र प्रकृति (porous nature) ही उसकी उच्च पारगम्यता (high permeability) का कारण बनती है, और इस प्रकार यह कथन I की आंशिक व्याख्या करती है।
  • कथन III: गलत है।

मिट्टी बिल्कुल भी सरंध्र नहीं होती, यह गलत है। मिट्टी वास्तव में अत्यधिक सरंध्र (highly porous) होती है क्योंकि इसमें इसके महीन कणों के बीच कई छोटे-छोटे छिद्र होते हैं।
हालांकि, ये छिद्र इतने छोटे होते हैं कि पानी उनमें से बहुत धीरे से गुजरता है। यही कारण है कि मिट्टी की पारगम्यता (permeability) बहुत कम होती है (कथन I में बताया गया है), भले ही इसकी सरंध्रता (porosity) उच्च हो।

निष्कर्ष (Conclusion)

  • कथन I सही है।
  • कथन II सही है।
  • कथन III गलत है।
  • चूँकि केवल कथन II ही सही है (कथन III गलत है) और यह सरंध्रता के माध्यम से खड़िया की उच्च पारगम्यता की व्याख्या करता है, इसलिए विकल्प [C] सही उत्तर है।

सरंध्रता (Porosity): किसी चट्टान या मिट्टी में कुल रिक्त स्थान या छिद्रों की मात्रा।

पारगम्यता (Permeability): किसी चट्टान या मिट्टी के माध्यम से तरल पदार्थ (जैसे पानी) के प्रवाहित होने की क्षमता।

  • उच्च सरंध्रता + बड़े, जुड़े छिद्र = उच्च पारगम्यता (जैसे खड़िया)
  • उच्च सरंध्रता + छोटे, कम जुड़े छिद्र = निम्न पारगम्यता (जैसे मिट्टी)

स्रोत:


प्र.14. निम्नलिखित में से कौन-से महाद्वीपीय विस्थापन की घटना के प्रमाण हैं?

I. ब्राज़ील तट की प्राचीन चट्टानों की बेल्ट पश्चिमी अफ्रीका की चट्टानों से मेल खाती है।

II. घाना के सोने के निक्षेप (Gold deposits) ब्राज़ील पठार से प्राप्त हुए थे, जब ये दोनों महाद्वीप एक-दूसरे से सटे हुए थे।

III. भारत की गोंडवाना अवसाद प्रणाली (Gondwana system of sediments) दक्षिणी गोलार्ध के छह अलग-अलग भूभागों में अपने समकक्षों के लिए जानी जाती है।

नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनें।

[A] केवल I और III

[B] केवल I और II

[C] I, II और III

[D] केवल II और III

उत्तर: [C] I, II और III

व्याख्या (Explanation)

महाद्वीपीय विस्थापन के सिद्धांत (Theory of Continental Drift) का अर्थ है कि पृथ्वी के महाद्वीप समय के साथ एक-दूसरे के सापेक्ष चलते रहे हैं। ये तीनों कथन इस सिद्धांत को साबित करने वाले महत्वपूर्ण प्रमाण हैं।

  • कथन I सही है:
चट्टानों की आयु में समानता: दक्षिण अमेरिका (ब्राज़ील) के पूर्वी तट और अफ्रीका के पश्चिमी तट पर पाई जाने वाली प्राचीन चट्टानें आयु, प्रकार और बनावट में एक जैसी हैं। यह बताता है कि वे कभी एक ही भूभाग का हिस्सा थे।
  • कथन II सही है:
प्लेसर निक्षेप (Placer Deposits): घाना (अफ्रीका) के तट पर सोने के बड़े भंडार पाए जाते हैं, लेकिन वहां सोने का स्थानीय स्रोत चट्टान नहीं है। यह माना जाता है कि यह सोना उस समय ब्राज़ील पठार से लाया गया था जब ये दोनों महाद्वीप एक-दूसरे से जुड़े हुए थे। जब ये अलग हुए, तो ये निक्षेप वहीं रह गए।
  • कथन III सही है:
जीवाश्मों और अवसादों का वितरण (Fossils and Sediments Distribution): भारत में पाई जाने वाली गोंडवाना क्रम की तलछटी चट्टानें, खासकर टिलाइट (Tillite) (हिमनदी/ग्लेशियर से जमा अवसाद), अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका जैसे अन्य दक्षिणी भूभागों में भी समान रूप से पाई जाती हैं। यह दर्शाता है कि ये सभी भूभाग कभी एक विशाल महाद्वीप गोंडवानालैंड का हिस्सा थे।

@Sources: NCERT-class 11-Fundamentals of Physical geography-chapter-4 DISTRIBUTION OF OCEANS AND CONTINENTS-page-30,31


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